#WhoSawGod शेख फरीद को मिले परमात्मा हठ योग करते हुए कुएं में उल्टे लटके हुए शेख फरीद को कबीर परमात्मा जिंदा महात्मा के रूप में मिले और उन्हें वास्तविक ज्ञान से परीचित करवाया। Kabir is God
#WhoSawGod आदरणीय धर्मदास साहेब जी, बांधवगढ़ मध्य प्रदेश वाले, जिनको पूर्ण परमात्मा जिंदा महात्मा के रूप में मथुरा में मिले, सतलोक दिखाया और तत्वज्ञान समझाया। वहाँ सतलोक में दो रूप दिखा कर जिंदा रूप वाले परमात्मा, पूर्ण परमात्मा वाले सिंहासन पर विराजमान हो गए तथा आदरणीय धर्मदास साहेब जी को कहा कि मैं ही काशी (बनारस) में नीरू-नीमा के घर गया हुआ हूँ। वहाँ धाणक (जुलाहे) का कार्य करता हूँ। Kabir is God
#WhoSawGod परमात्मा कबीर जी जिंदा महात्मा के रूप में श्री नानक जी को मिले। उन्होंने कबीर परमेश्वर जी की महिमा इस प्रकार लिखी है। गुरुग्रन्थ साहेब पृष्ठ 721 पर अपनी अमृतवाणी महला 1 में श्री नानक जी ने कहा है कि - “हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदीगार। Kabir is God
#WhoSawGod 7 वर्षीय संत घीसा दास जी गाँव खेखड़ा (जिला मेरठ, उत्तरप्रदेश) को सन् 1813 में संत दादू जी, संत गरीबदास जी की तरह कबीर परमेश्वर जिंदा महात्मा के रूप में मिले व उन्हें सतलोक दिखाया। Kabir is God
#WhoSawGod आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज को सन् 1727 में 10 वर्ष की आयु में गांव छुड़ानी के नला नामक स्थान पर कबीर परमेश्वर जिंदा महात्मा के वेश में मिले। तत्वज्ञान से परिचित कराकर सतलोक दर्शन करवाकर साक्षी बनाया। अजब नगर में ले गए, हमको सतगुरु आन। झिलके बिम्ब अगाध गति, सूते चादर तान।। Kabir is God
द्वापर में कबीर जी की पहचान द्वापर युग में परमात्मा कबीर जी करुणामय नाम से आए थे और पंथ प्रचार के लिए चतुर्भुज नाम की एक प्यारी आत्मा को चुना। लाखों जीवों तक ज्ञान पहुंचाया और इस प्यारी आत्मा को पार किया।
#कबीरसाहेब_की_पहचान द्वापर में कबीर जी की पहचान द्वापर युग में परमात्मा कबीर जी करुणामय नाम से आए थे और पंथ प्रचार के लिए चतुर्भुज नाम की एक प्यारी आत्मा को चुना। लाखों जीवों तक ज्ञान पहुंचाया और इस प्यारी आत्मा को पार किया।